चीन ने सोचा था कि वह भारत को धमकाएगा, गुलवाम मे उसकी जमीन पर बढ़ आएगा और भारत डर कर चुपचाप समझौता कर लेगा। वह चीन जैसी शक्ति से टक्कर थोड़े ही ले पाएगा। लेकिन मामला पड़ गया उल्टा।
चीनी सैनिक कोरोना महामारी का लाभ उठाकर भारतीय क्षेत्र में घुस आते हैं। सदैव की तरह भारत चीन से बातचीत से समस्या को हल करने का प्रयास करता है जिसे चीन हमारे देश की कमजोरी समझने की भूल कर बैठा। बातचीत में तय होता है कि दोनों देशों के सैनिक अपनी पुरानी जगह पर वापस जाकर LAC का सम्मान करते हुए पूर्वस्थिति बहाल करेंगे। वार्ता के बाद भारतीय सैनिक वापस लौटे तो चीनी सैनिकों ने वापस न लौटकर अचानक पूरी तैयारी के साथ अंधेरे में भारतीय सैनिकों पर हमला कर दिया। भारतीय सैनिक ऐसी गद्दारी से अंजान थे और चीनी लोहे के कीलों वाले डंडों से सुसज्जित थे जिसके कारण 20 भारतीय सैनिक पास ही बहती नदी में गिरकर वीरगति को प्राप्त हो गए।
इसके बाद जो हुआ उससे चीनियों की रूहें दहल उठीं। उस भारतीय सैन्य टुकड़ी के साथ मौजूद घातक सैन्य कमांडो तुरंत विद्युत गति से ( जैसा फिल्मों में दिखाया जाता है) चीनी तंबुओं के पास पहुंचते हैं और ऐसी निर्दयता से चीनी सैनिकों का एकतरफा संहार करते हैं, उनके तंबू उखाड़ फेंकते है, उनका सारा सामान नष्ट कर देते हैं और उनकी सभी सामग्रियों को उठा लाते हैं जिनमे दवाइयां भी शामिल हैं और हो सकता है कि कोरोना का इलाज भी उसमे हो जो चीन दुनिया से छिपाकर प्रयोग कर रहा हो। चीनी सैनिकों के तंबुओं तक पहुंच कर उनको नरक का रास्ता दिखाने से पहले उन घातक कमांडोज ने भारतीय सैनिकों पर हमला करने आए चीनी सैनिकों की गर्दन तोड़कर उन्हें समाप्त कर देते हैं और उनके कील लगे लोहे के डंडे भी छीन लेते हैं।
यह मारकाट इतना भयानक था कि इससे भयभीत चीनी बाद मे भारत को बताकर आश्वासन लेने के बाद ही अपने मृत सैनिकों का शव उठाने आते हैं वह भी हेलिकॉप्टरों से। चीनी सरकार इस घटना को अपने देशवासियों से छुपाते हुए अपनी इज्जत बचाते फिर रही है। इससे संबंधित सभी न्यूज स्रोतों और पोस्टों को डिलीट कर रही है।
भारतीय सैनिकों ने चीन को ऐसा मारा है कि वे अब भयभीत हैं। भारत से अनुमति लेकर डरते डरते तो अपने सैनिकों के शव उठाने आए थे वो भी हेलीकॉप्टरों के साथ। हमारी अपनी मीडिया मे चीनी दलाल बैठे हैं। तमाम संगठनों, पार्टियों, पदों पर उनकी घुसपैठ है। यही हाल उन्होंने अमेरिका में भी किया है। यह है उनकी असली चाल और ताकत।इस बारे में सही जानकारी के लिए पाकिस्तानी चैनलों के कार्यक्रम देखिए।
बहुत सी बातें होती हैं जिन्हें करके खामोश रहा जाता है ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक लाभ लिया जा सके।
भारत ने चीन को मारा भी है और आरोप भी लगा रहा है। मतलब चीन चारो खाने चित।चीन से विवाद और उसकी दगाबाजी के बाद अब भारत में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की लहर उठ पड़ी है जो धीरे धीरे तूफ़ान बनती जा रही है। इससे चीनी कंपनियों मे खलबली मच गई है। इस विरोध से घबराकर Zoom एप ने वक्तव्य जारी कर कहा कि "हम एक अमेरिकी कंपनी हैं और चीन से हमारा कोई लेना-देना नहीं है।" चीन दुनिया भर के देशों में सस्ता, दो कौड़ी का माल, सस्ती दरों पर, बहुत बड़े पैमाने पर बेचकर लाभ कमाता है और उस देश के आधारभूत आर्थिक ढांचे को तबाह कर देता है। उसने यही चाल भारत के साथ भी चलने का प्रयास किया। इसके लिए उसनें बाकायदा हमारे देश में बहुत से मीडिया हाउसों/कर्मियों, राजनीतिज्ञों, विभिन्न पदों और संगठनों को घूस देकर अपने हित मे काम करने के लिए तैयार कर लिया है। यह आप इस समय बहुत लोगों के बयान और हरकतों से समझ सकते हैं कि कौन चीन को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रहा है। कुछ लोग छुपे होकर भी इस काम मे लगे हैं।
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